काश (Post No.9)
काश मुझमे वह हिम्मत होती
कि मैं आपके फैसलों को ना मानती
काश मुझमे वह हिम्मत होती
कि मैं आपका बगावत करती
काश मुझमे वह हिम्मत होती
कि मैं आपसे नज़रें मिलाती
काश मुझमे वह हिम्मत होती
कि मैं आपसे सवाल करती
काश मुझमे वह हिम्मत होती
कि आपको गलत साबित करती
काश मुझमे वह हिम्मत होती
कि आपके सामने चुप ना रहती
आज जो किया है वह बहुत पहले करती
आपको दूसरों कि नज़रों में गिरते ना देखती
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